Sunday, December 10, 2017

मुक्तक

शब्द मेरे सब,, तुम्हारे हो गए !
रूप की लावण्यता में. खो गए !!
अर्थ जब ना पा सके, संसर्ग में !
दर्द की आधिक्यता में, रो गए !!

मुक्तक- रावण राज


त्रेता का वैभव गया, कलियुग हैं ये आज !
घर घर रावण ही मिले, कहाँ राम का राज !!
जनकसुता भयभीत हैं, अवचेतन हनुमंत !
राम शिथिल हैं आज के,... रावण तीरंदाज !!

ताज

जब दूध  से धुला तो उसे ताज कहा था
दीवानगी का रोशन अंदाज कहा था
तामीर हो चूका जब वो हुस्न-इ-मुज़सम
उसे चाहने वालों ने मुमताज कहा था

मुक्तक



जाने क्या क्या मेरी, बातों के इशारे बैठे !
दिल मेरा सौ सौ दफा,, दर्द के मारे बैठे !!
जो रंजिशें हैं बिना बात की, सुलझा लेंगे !
आ के फुर्सत किसी दरिया के किनारे बैठें !!

चल कहीं बैठ के दिलकश से तराने लिख दे
इक मुझे ख़त कहीं मिलने के बहाने लिख दे
ये जो ख़ामोशी सी पसरी हैं समंदर की तरह
आ के इस पर तू मुहब्बत के फ़साने लिख दें

जन्म दिन

सुना हैं
आज
तुम्हारा जन्मदिन है

पर मैंने तो
 सुना था की
परियां
जन्म नहीं लेती
आसमान से उतरती हैं

ये भी की
लौट जाती हैं
अपने अपने
परिस्तान मैं
ख्वाब
पूरे हो जाते हैं जब
वो तो
परे हैं
जन्मने अजन्मने
के बंधन से
फिर भी
बधाई देता
हर पल छिन  हैं
सुना हैं की
आज
तुम्हारा
जन्मदिन हैं

तभी मैं कहूं
आज
कुछ जियादा हैं
रौशनी शायद
खुशबूएं हैं
हवाओं में
रागनी सी हैं

बहका हुआ हैं
हर इक गुलाब
इतराया हुआ सा
गुलमोहर पे आमादा
शायरी सी हैं

रक्खें हों किसी ने
आज दुनिया मैं
कदम
मुमकिन हैं
सुना हैं
की आज
तुम्हारा जन्मदिन हैं

यूं ही

कल मैने धर्म पत्नी जी से कहा इस मिसरे पर कुछ तरही गजल सुझा दें मिसरा था ....

"न किसी राहबर न रहगुजर से निकलेगा "
धर्मपत्नी ने मज़ाहिया अंदाज में जो कहा आपकी नजर

मेरा तो अब उस दिन ये दर्द सर से निकलेगा !
जब ये चाबियों का गुच्छा कमर से निकलेगा !! सास को

कभी जो काम बताओ तो पढ़ाई का रोना हैं !
खबरदार जो छुट्टी के दिन तू घर से निकलेगा !! बेटे को

हर लम्हा नजर टिकी रहती हैं लाइक कमेंटों पे !
ये फेसबुकिया भूत कब तेरे सर से निकलेगा !! बेटी को

न जाने कब बंद होगा छत पे टहलना इसका !
न जाने कब ये पड़ोसन के असर से निकलेगा !!पति को

इस शहर के सब दुकानदार मुझसे वाकिफ हैं !
हैं कोई मॉल जो अब मेरी नजर से निकलेगा !! खुद को

मित्रता दिवस

सुना हैं आज मित्रता दिवस हैं ,...
तो सभी मित्रों को,, मित्र के मित्रों को भी,
एकदम नए चकाचक और पुराने घिसे हुए मित्रों को भी,
कबसे नाराज़ और घोर रुष्ट मित्रों को भी,, 😊😊
लंगोटिये और पतलून वाले मित्रों को भी,,
पास पास और दूर दराज के मित्रों को भी,,
दिलकश और जांनिसार मित्रों को भी,,
दिल से जुड़े और जबरदस्ती वाले मित्रों को भी,,☺️☺️
स्नेहिल और घोर नफरत करने वाले मित्रों को भी,,
फूल बरसाने वाले और बात बात पर काट खाने वाले मित्रों को भी,,☺️☺️
फॉलो करने वाले और ब्लॉक करने वाले मित्रों को भी
बार बार रिकवेस्ट भेजने वाले और बात बात पर अनफ्रेंड करने की धमकी देने वाले मित्रों को भी 😊😊
देर रात की गुड नाईट वाले और ब्रह्म मुहूर्त की गुडमार्निंग वाले मित्रों को भी
उटपटांग सी सेल्फी खींचने वाले और 1.5 मेगापिक्सल के कैमरे से खिंची भुतहा पिक लगाने वाले मित्रों को भी ,
फ्रेंड रिकवेस्ट पेंडिंग रखने वाले और फ्रेंड लिस्ट में से छांट छांट कर महिला मित्रों को रिकवेस्ट भेजने वाले मित्रों को भी,,
हर सामाजिक आर्थिक और प्राकृतिक धार्मिक सरोकारों पर स्त्री विमर्श के नाम पर पुरुषों को पानी पी पी कर कोसने वाले मित्रों को भी ☺️
किसी किसी मेसेज का दो दो महीने बाद जवाब देने वाले मित्रों को भी 😢
मेरी रचनाओं को दो दो बार पूरा पढ़ कर भी बिना लाइक कमेंट किये निकल जाने वाले मित्रों को भी ☺️
उसकी पोस्ट पे कमेंट क्यों मेरी पोस्ट पे क्यों नही का उलाहना देने वाले मित्रों को भी 😊😊
हमेशा जन्मदिन सालगिरह याद रखने वाले और सबसे पहले बधाई देने वाले मित्रों को भी
मित्र सूची में न होने पर भी हमेशा स्नेहिल शुभकामनाएं देने वाले मित्रों के मित्रों को भी
गाहे बगाहे पोक करके खुश होने वाले मित्रों को भी
कुछ भी कह देने पर भी नाराज न होने वाले बुरा न मानने वाले मित्रों को भी
हमेशा स्नेह आशीर्वाद और मंगलकामना करने वाले मित्रों को भी
मित्रता दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं बधाई आपका बहुत शुक्रिया मित्र होने के लिए ये स्नेहबन्धन बनाये रखियेगा ताउम्र 😊